How to take payment while selling property? ! प्रॉपर्टी बेचने का कानूनी नियम
मकान,दुकान या कृषि भूमि या कोई भी प्रॉपर्टी बेचते वक्त अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा, तो दोस्तों आपको जेल भी जाना पड़ सकता है ! जी हां, आपको जेल भी हो सकती है या फिर जिंदगी भर कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं ! इस लेख में हम उन सावधानियों के बारे में बात करेंगे और आपको विस्तार से बताएंगे कि आपको What are the precautions while selling your property? या What are the rules for selling property?
तो आइए विस्तार से एक-एक सावधानियों के बारे में इस लेख में चर्चा करते हैं कि What are the precautions while selling your property? या प्रॉपर्टी बेचते समय क्या सावधानियां रखे !
1. प्रॉपर्टी के ओरिजिनल दस्तावेज खरीददार को रजिस्ट्री से पहले सुपुर्द नहीं करें
जब भी आप किसी को प्रॉपर्टी सेल करते हैं, आपके बीच एग्रीमेंट बन जाता है, सारी शर्तें तय हो जाती है, और जब डील आगे बढ़ती है तो खरीदने वाला आपसे प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट की मांग करता है, ओरिजिनल फाइल की मांग करता है कि, एक बार आप फाइल दीजिए हम उसको वेरिफिकेशन करेंगे या उसको हम जांच कराएंगे !
तो प्रॉपर्टी बेचते समय क्या सावधानियां रखे ! किसी भी सूरत में, किसी भी व्यक्ति को, या खरीददार को ओरिजिनल पेपर किसी भी सूरत में सुपुर्द नहीं करने हैं ,जब तक आपकी रजिस्ट्री का टाइम नहीं आ जाए या जब तक आपको पूरा पैसा ना मिल जाए !
और अगर वह बोलता है कि ओरिजिनल दस्तावेज लॉयर को चेक कराने हैं, तो आप अपने साथ उसको ले जाकर अपने हाथों से लॉयर को चेक कराकर, वापस से अपनी फाइल अपने कब्जे में लेकर, अपने साथ लेकर आएंगे !
इसके अलावा प्रॉपर्टी के चैनल डॉक्यूमेंट की किसी को xerox भी देते हैं तो Xerox पर भी आपको क्रॉस करके, उस पर यह वजह लिख देनी चाहिए कि आपने फला कॉपी किस वजह से दी है ,और किसको दी है ! और वह उसका उपयोग किस चीज में कर सकता है, तो यह सावधानी भी आपको बहुत बड़ी मुश्किल से बचा सकती है ,किसी भी बड़े विवाद को टाल सकती है !
2. प्रॉपर्टी बेचने के लिए सेल एग्रीमेंट जिसके नाम किया है उसकी मृत्यु हो जाने की स्थिति में उसके वारिसों से मैटर क्लियर करके ही प्रॉपर्टी अन्य को बेचें
जब भी आप किसी को भी प्रॉपर्टी बेचते हैं और उसमें सेल एग्रीमेंट करते हैं ,सेल एग्रीमेंट करने के बाद एडवांस लेने की उसमें भरपाई की है, और उसको बेचने का इकरार कर दिया है, और अकस्मात किसी भी कारण से जो प्रॉपर्टी खरीदने वाला है ,उसकी डेथ हो जाती है, मृत्यु हो जाती है, और उस कंडीशन में जब आप अगर उस प्रॉपर्टी को आप इस मैटर को सुलझाए बिना ,अगर किसी और को सेल करने की कोशिश करते हैं ,तो हो सकता है उनके उत्तराधिकारी जब उनको यह भनक लग जाए ,कि आप ऐसा कर रहे हैं और हमारे पिताजी ने उस प्रॉपर्टी को खरीदने का इकरार किया था !
और उस पेटे आपको एडवांस दिया गया था ,तो वह आप पर धोखाधड़ी का केस लगा सकते हैं ,और ऐसा करने से आप बहुत मुश्किल में आ सकते हैं ,बहुत झंझट में आ सकते हैं, और आपको कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं ! तो इसके लिए प्रॉपर्टी बेचते समय क्या सावधानियां रखे !
तो आपको इससे बचने के लिए जब भी कोई सेल एग्रीमेंट करें तो आपको उस सेल एग्रीमेंट में कुछ पॉइंट्स ऐड करवा देने चाहिए कि खरीदने वाला उस पेमेंट को कितने टाइम की वैलिडिटी में देगा और अगर उस वैलिडिटी में वह पैसा नहीं दे पाता है तो जो एडवांस अमाउंट दिया गया है उसका क्या होगा !
3. बैंक लोन के लिए अलग से सेल एग्रीमेंट बनवाते समय कुछ स्पेशल कंडीशन को सावधानी से पढ़ने के बाद ही साइन करें
जब भी आप किसी को सेल एग्रीमेंट करके देते हैं, और खरीदने वाला बंदा बैंक से कोई लोन लेता है ,तो वह आपके एग्रीमेंट में आपसे कुछ कंडीशंस लिखवाता है !
जैसे कि बैंक लोन नहीं हुआ तो मुझे आपको इतना पैसा देना पड़ेगा, या इतने टाइम बाद डील कैंसिल हो जाएगी ! तो आपको ऐसी किसी भी कंडीशन और डिमांड पर आपको साइन नहीं करने चाहिए, क्योंकि कई कारण होते हैं जिस वजह से बैंक का लोन कैंसिल हो सकता है, बैंक खरीदने वाले को लोन देने से मना कर सकता है, तो उस कंडीशन में आप अपनी प्रॉपर्टी का एग्रीमेंट करके फंस जाएंगे ,नहीं तो आपकी पार्टी को बैंक लोन देगा , ना वो आपको पैसा दे पाएगा और ना आप प्रॉपर्टी को किसी और अन्य को बेच पाएंगे ! तो इसके लिए प्रॉपर्टी बेचते समय क्या सावधानियां रखे !
आपको एग्रीमेंट में सारी शर्तें क्लियर लिख देनी चाहिए कि अगर आपका बैंक लोन नहीं हुआ तो भी मुझे इतने टाइम पर आपको इतना पैसा जो बकाया है व देना पड़ेगा ,अन्यथा आपका दिया हुआ पैसा लेप्स हो जाएगा !
4. ज्वाइंट खरीददार होने की कंडीशन में रजिस्ट्री भी दोनों के नाम से ज्वाइंट रूप से ही करवाएं
मान लीजिए आपने किसी भी व्यक्ति को अपनी प्रॉपर्टी बेचने का इकरार किया है, और वह दो लोग मिलकर अपना एग्रीमेंट कर चुके हैं ,और वह दोनों व्यक्ति एक साथ अपनी जॉइंट रजिस्ट्री कराना चाहते हैं !
तो जिस दिन आप रजिस्ट्री कराने सब रजिस्ट्रार के ऑफिस जाएं और जब आप वहां पर पाएं कि आपने जिन दो लोगों के नाम से एग्रीमेंट किया था, उनमें से एक व्यक्ति तो ओरिजिनल उपलब्ध है ,लेकिन दूसरे व्यक्ति की जगह कोई तीसरा व्यक्ति उपलब्ध है ,और वह फलां व्यक्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर आया है ,और उसके अधिकार के तहत वोह अपने नाम उस प्रॉपर्टी को करवाना चाहता है !
तो आपको आपने जिन दो लोगों के नाम एग्रीमेंट किया था ,आपको उन दोनों लोगों से इस बात की तस्दीक कर लेनी चाहिए और जो आदमी जिसके नाम से पावर ऑफ अटॉर्नी लेकर आया है ,उस पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर से उस व्यक्ति के बारे में डिटेल लेकर उससे यह पूछ लेना चाहिए कि क्या उसने इस व्यक्ति को पावर ऑफ अटॉर्नी जारी की है ,अच्छे तरीके से संतुष्ट होने के बाद ही आप उस रजिस्ट्री के लिए हामी भरें ,अन्यथा आप उसको मना कर दें कि मैं पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर के नाम से रजिस्ट्री नहीं कराऊंगा, मैं उसी व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री कराऊंगा ,जिस व्यक्ति के नाम एग्रीमेंट करवाया था.
5.बायर को प्रॉपर्टी के पेपर सुपुर्द करने से पहले उसकी लिस्ट बनाकर उसपर received जरूर कर लेनी चाहिए
आप किसी भी प्रॉपर्टी को बेचते हैं ,और जब बायर से अपना सारा पैसा लेकर उसको कब्जा सुपुर्द कर देते हैं, तो आपको सारे प्रॉपर्टी के दस्तावेज उसको सुपुर्द करने होते हैं ,तो कई बार वह बायर जब आगे उस प्रॉपर्टी को सेल कर देता है ,और वह पेपर्स उस थर्ड पार्टी को सुपुर्द कर देता है, तो अगर आपके पास कोई डॉक्यूमेंट रह गए हैं ,और उस प्रॉपर्टी में कोई विवाद हो गया है ,तो वह सारा आपके ऊपर आ जाएगा कि आपने कुछ पेपर्स अपने पास रख लिए थे ,पूरे पेपर्स नहीं दिए थे ,और आपके पूरे पेपर नहीं देने की वजह से से वह प्रॉपर्टी किसी चौथे आदमी ने हड़पने की कोशिश की है ! तो प्रॉपर्टी बेचते समय क्या सावधानियां रखे !
तो इस विवाद की स्थिति से बचने के लिए आप जब भी किसी भी प्रॉपर्टी के दस्तावेज खरीदने वाले को सुपुर्द करें तो उससे एक एफिडेविट या एक शपथ पत्र अलग से आपको यह ले लेना चाहिए और एक लिस्ट ऑफ डॉक्यूमेंट बनाकर उसमें सारे दस्तावेज की सूची बनाकर कि कौन-कौन से दस्तावेज आपने उस पार्टी को सुपुर्द किए हैं ! ताकि फ्यूचर में कभी कोई यह ना कह सके कि आपने फलां पेपर उस प्रॉपर्टी में नहीं दिया था, या फलां पेपर आपने अपने पास रख लिया था ,और आपने प्रॉपर्टी के पेपर कम दिए थे, तो फ्यूचर में वह कोई क्लेम आप पर ना कर सके !
6. खरीददार को रजिस्ट्री की कॉपी जरूर ले लेनी चाहिए ताकि भविष्य में यह साबित किया जा सके कि वो प्रॉपर्टी आपने इतने में बेची है
आपने किसी को भी प्रॉपर्टी बेच दी, पेमेंट ले लिया ,उसको टोटल डॉक्यूमेंट और कब्जा आपने उसको दे दिया ,तो इसके बाद आपके यानी बेचने वाले और खरीदने वाले के बीच जो सेल डिड बनी है, तो वो तो जिसको आपने बेचा है वो ओरिजिनल रखेगा, लेकिन उससे आपको अपनी एक डीड की जेरोक्स कॉपी जरूर लेनी चाहिए !
क्योंकि फ्यूचर में जब भी आपने जो पैसा लिया है किस पेटे लिया है और इनकम टैक्स में भी अगर आपने शो कर रखा है तो उसकी एक कॉपी आप को जरूर लेकर इनकम टैक्स में उसको शो करना चाहिए और आपके पास प्रूफ के तौर पर यह रखना चाहिए कि फलां पैसा मैंने इस प्रॉपर्टी को सेल करने से पाया था, वह एक प्रूफ के तौर पर, और याद के तौर पर ,और एक सबूत के तौर पर रहेगा, फ्यूचर में कभी इनकम टैक्स वगैरह का कोई इशू हो तो वहां पर वो आप उसको शो कर सकते हैं !
7. प्रॉपर्टी सेलर को बायर को नाम ट्रांसफर करवाने के लिए पाबंद करना चाहिए
जब भी आपने अपने प्रॉपर्टी को सेल कर दिया, बेच दिया तो आपको खरीदने वाले को इस चीज के लिए बाउंड करना चाहिए, कि वह सेल डीड बनने के बाद, उस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होने के बाद ,वह प्लॉट या प्रॉपर्टी जिस निकाय में आ रही हो ,मान लीजिए नगर निगम में आ रही हो, या डेवलपमेंट अथॉरिटी में आ रही हो, या आवासन मंडल की प्रॉपर्टी आ रही हो, तो उस संबंधित निकाय में जाकर उसको अपने नाम से नामांतरण करवा लेना चाहिए ! अपने नाम को ऐड करवा लेना चाहिए यानी कि जिसको म्यूटेशन बोलते हैं या नाम ट्रांसफर बोलते हैं ! यह करवाकर उसकी एक कॉपी आपको दे देनी चाहिए ,ताकि मंडल में या सरकारी रिकॉर्ड में आपका जो नाम उस प्रॉपर्टी के पेटे बोल रहा था, रजिस्ट्री कराने से वो वहां पर चेंज नहीं होता है ,उसके लिए आपको उसका नामांतरण या नाम ट्रांसफर करवाना पड़ेगा तो आपको खरीददार को इस चीज के लिए एग्री करना चाहिए ,और एक उसकी कॉपी आपके पास जरूर लेकर रखनी चाहिए !
निष्कर्ष
तो मेरे बताए हुए टिप्स एंड टॉपिक्स आपके फ्यूचर में जरूर काम आएंगे,अगर आप कोई प्रॉपर्टी सेल करते हैं या आप बाय भी करते हैं तो दोनों पार्टियों के लिए यह टॉपिक्स अच्छे काम के हैं ,और इन टॉपिक्स से आप किसी भी भविष्य में होने वाली असावधानी और नुकसान से बच सकते हैं, और कोर्ट कचहरी के चक्कर से भी आप बच सकते हैं।
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