Property Ownership केवल वसीयत होने से नहीं बनेगे प्रॉपर्टी के मालिक,सुप्रीम कोर्ट ने कही यह बड़ी बात 

एक व्यक्ति अपने जीवनकाल में संपत्ति का हस्तांतरण कई लीगल तरीकों से कर सकता है जिसमे एक तरीका वसीयत भी है 

इसके अलावा सेल डीड ,पावर ऑफ़ अटोर्नी ,गिफ्ट डीड और फॅमिली सेटलमेंट के जरिये भी संपत्ति का हस्तांतरण होता है 

लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में वसीयत को लेकर एक बड़ी बात कह दी है

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है की will वसीयत नामा और power of  attorny पावर ऑफ़ अटॉर्नी के जरिये संपत्ति के मालिकाना हक़ नहीं मिलते 

इन दस्तावेजों की मदद से सिर्फ कुछ निश्चित कार्यों को करने के लिए प्रतिनिधित्व की अनुमति दी जा सकती हैं 

लेकिन इससे किसी भी संपत्ति के स्थाई मालिकाना हक़ और अधिकार नहीं मिलते 

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने वसीयत और पावर ऑफ़ अटॉर्नी के भ्रामक उपयोग को चुनौती दी है 

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा की मालिकाना हक़ के पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज सेल डीड ही होना चाहिए 

यह दस्तावेज ही किसी व्यक्ति को संपत्ति का आधिकरिक मालिकाना अधिकार देते हैं और इनकी ही कानूनी रूप से मान्यता है