Property Documents–प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जांच लें ये 14 डॉक्यूमेंट, नहीं तो बाद में कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगेंगे
जैसा कि आप जानते हैं कि रियल एस्टेट बाजार बहुत तेजी से ग्रोथ कर रहा है.ऐसे में किसी भी प्रोपर्टी में निवेश करने से पहले (How can I get property papers) आपको उस प्रॉपर्टी से जुड़ी सभी बातों और दस्तावेजों (Property Documents) को चेक कर लेना चाहिए.
अगर आप किसी भी तरह की कोई संपत्ति खरीदने (property documents list) के बारे में सोच रहे हैं तो सबसे पहले आपको यह 14 डॉक्यूमेंट जरूर जांच लेने चाहिए. और अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो भविष्य में उस प्रॉपर्टी को लेकर आपको पछताना पड़ सकता है और अनावश्यक रूप से कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं.
Property Documents : प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जांच लें ये 14 डॉक्यूमेंट, नहीं तो बाद में कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगेंगे

जब भी हम किसी भी तरह की कोई संपत्ति कोई घर, मकान, गोदाम या फैक्ट्री खरीदते हैं, तो उनको खरीदते समय हमें कुछ विशेष बातों (property documents checklist) का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है. क्योंकि इस तरह की तमाम संपत्ति को खरीदने के लिए कोई भी व्यक्ति अपने जीवन भर की जमा पूंजी खर्च करता है.
तो अगर आप कोई भी संपत्ति की डील कर रहे हैं, तो डील करने से पहले आपको कई सारी चीजों की जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए.
आज हम आपको इस लेख के माध्यम से यह बताने वाले हैं कि संपत्ति (how to buy a property) खरीदते समय आपको किन किन डॉक्यूमेंट (Property Documents) पर पर खास तौर पर ध्यान देना चाहिए,ताकि आपके साथ किसी तरह का धोखा न हो सके.
1. Title & ownership Verification–टाइटल और ओनरशिप का वेरिफिकेशन –
किसी भी संपत्ति को खरीदने से पहले आपको यह देख लेना चाहिए की प्रॉपर्टी का टाइटल (Title & ownership Verification) जिस व्यक्ति के नाम से है, क्या वही व्यक्ति उस प्रॉपर्टी को बेच रहा है,क्या ओनरशिप (Property Documents) इस व्यक्ति के नाम से है, या कोई अन्य व्यक्ति आपको वह प्रॉपर्टी बेच रहा है.
2. चेक प्रॉपर्टी ऑल चेनल डाक्यूमेंट (Property Documents)-
इसके अलावा किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदते समय टाइटल के अलावा उस संपत्ति से जुड़े हुए तमाम चैनल डॉक्यूमेंट (Property Documents) भी आपको जांच लेने चाहिए.
चैनल डॉक्यूमेंट (Channel Document) का मतलब यह है कि, उस प्रॉपर्टी को किस निकाय (Development Authority) ने जारी किया था, और उस व्यक्ति से वह प्रॉपर्टी किस-किस व्यक्ति ने खरीदी, और किस-किस व्यक्ति ने उस संपत्ति की रजिस्ट्री करवा कर संबंधित निकाय में अपना नाम ट्रांसफर करवाया.
3. Encumbrance Certificate-एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट चेक करें.
आप प्रोपर्टी (Property News) की अधिक जानकारी रजिस्ट्रार के ऑफिस जाकर फॉर्म नंबर 22 भरकर जुटा सकते हैं,इसके बाद वह से आपको एक (Encumbrance Certificate) एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट प्राप्त होगा.
इस डॉक्यूमेंट से आपकी यह पता चल जाएगा कि खरीदी जा रही प्रोपर्टी पर कोई मोर्टगेज, बैंक लोन या कोई टैक्स बकाया नहीं है.एन्कम्ब्रन्स सर्टिफिकेट के माध्यम से यह भी पता चलता है कि इस प्रोपर्टी पर कोई पेनाल्टी तो नहीं है.
4. पजेशन लेटर (possession letter) चेक करें

जब भी आप कोई प्रॉपर्टी खरीदते हैं तो संबंधित निकाय ( Devlopment Authority) आपके नाम से एक पजेशन (possession letter) लेटर जारी करता है.
इस लेटर को जारी करने का मतलब यह होता है कि उस निकाय द्वारा उस प्रॉपर्टी का आपको कब्जा दे दिया गया है. यह लेटर यह साबित करता है कि उस दिनांक को उस संपत्ति को आपके कब्जे में दे दिया गया है. अगर आप किसी बैंक से होम लोन भी लेते हैं, तो उसमें यह पजेशन लेटर (possession letter) बहुत ज्यादा महत्व रखता है.
5. ऑक्यूपॅन्सि सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) चेक करें
किसी भी बिल्डर से किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदते समय आपको ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (Occupancy Certificate) जरूर उस बिल्डर से मांग लेना चाहिए.
प्रोपर्टी की सही डिलिंग के लिए यह एक बेहद ही अहम डॉक्यूमेंट है. अगर बिल्डर इस डॉक्यूमेंट को खरीददार को नहीं दिखाते हैं तो बॉयर को डेवलपर (Devloper) के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने का अधिकार है.इससे सम्बंधित वीडियो आप हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकते हैं.
6. प्रॉपर्टी पर किसी तरह का लोन तो नहीं है,यह चेक करें
मॉर्गेज (morgage) एक तरह का लोन कह सकते हैं, जिसका यूज लोन लेने वाला व्यक्ति किसी मकान की खरीद या रखरखाव करने के लिए करता है.
इस तरह का लोन मॉर्टगेज लोन कहलाता है और इस लोन को लेने के लिए, लोन लेने वाले व्यक्ति को संपत्ति के दस्तावेज बैंक में गिरवी रखने पड़ते हैं.
मॉर्गेज (morgage) लेते समय लोन लेने वाला व्यक्ति समय से इसके भुगतान पर सहमति भी जताता है.
7. चेक यूटिलिटी बिल
जब भी आप कोई प्रोपर्टी (flat lene se pahle kya dekhe) खरीदे तो टाइम यूटिलिटी बिल (Time Utility Bill) को चेक कर लें.
आपको उस प्रॉपर्टी से संबंधित लाइट और पानी के अंतिम भुगतान किए हुए बिलों की कॉपी जरूर देख लेनी चाहिए.
8. कार अलॉटमेंट लेटर (Car Allotment letter)
इसके साथ ही कार अलॉटमेंट लेटर भी जरूर चेक कर लें, क्योंकि यह कार पार्किंग का लेटर होता है.
इस लेटर के होने से आप अपनी बिल्डिंग सोसायटी में अपनी कार को आसानी से, आधिकारिक रूप से पार्क कर पाएंगे.
9. प्रॉपर्टी की संबंधित निकाय से NOC चेक करे
किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदते समय यह जरूर देख लें की संबंधित निकाय से उस संपत्ति की noc चैनल डॉक्यूमेंट में है या नहीं है, एनओसी का मतलब यह है कि संबंधित निकाय का उस प्रॉपर्टी से संबंधित किसी भी प्रकार का कोई बकाया नहीं है.
10. Lease free letter चेक करें
प्रॉपर्टी खरीदते समय यह भी देख लें कि संबंधित निकाय से उस प्रॉपर्टी की लीज बकाया तो नहीं है. अक्सर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के टाइम तक की बिल्डर lease जमा करवाते हैं, लेकिन आपको यह देख लेना चाहिए कि एक मुश्त लीज ( One Time Lease) राशि भरी हुई है या नहीं है.
11.चेक करें टैक्स पेमेंट का स्टेटस –
अगर आप अपनी प्रॉपर्टी पर टैक्स का भुगतान (Payment of tax on property) नहीं करते हैं तो इसे नहीं चुकाने से संपत्ति पर शुल्क लगता है, इसका असर संपत्ति की मार्केट वैल्यू पर पड़ता है। ऐसे में जब भी आप प्रोपर्टी खरीद रहे हैं तो स्थानीय म्युनिसिपल अथॉरिटी (local municipal authority) या संबंधित निकाय ( Devlopment Authority) में जाकर विक्रेता ने प्रॉपर्टी टैक्स में कोई डिफॉल्ट किया है या नहीं, इस बात की जानकारी ले लें.
12. RERA में रजिस्टर्ड है या नहीं
जो भी आप संपत्ति खरीद रहे हैं, तो जिस बिल्डर से या डेवलपर से आप वो संपत्ति खरीद रहे हैं, तो आप यह चेक कर लें कि वह बिल्डर रेरा (Rera) से रजिस्टर्ड है या नहीं है. क्योंकि बिल्डर या डेवलपर को अपना प्रोजेक्ट बनाने से पहले उसको रेरा में रजिस्टर्ड करवाना जरूरी होता है, बिना रेरा में रजिस्टर्ड किया वह अपने प्रोजेक्ट को सेल नहीं कर सकता है.
13. संपत्ति का भूमि रूपांतरण
इसके साथ ही आज के समय में बढ़ते शहरीकरण और राजस्व भूमि में विलय के साथ, गैर कृषि उपयोग के लिए संपत्ति का रूपांतरण होना आम बात हो गई है.
क्योंकि कई राज्यों के कानून (Rera ke kanoon) ऐसे होते हैं, जिसमे जो किसान नहीं है, उन लोगों को कृषि की भूमि नहीं देते.
14. मास्टर प्लान जरूर चेक करें
इसके साथ ही संपत्ति खरीददार को उस संपत्ति से संबंधित मास्टर प्लान को भी जांच लेना चाहिए. इससे आपको उस भूमि का प्रकार पता चल जाएगा कि गवर्नमेंट की नजर में वह संपत्ति किस use के लिए काम आएगी.
निष्कर्ष
इस प्रकार ऊपर बताए गए 14 दस्तावेजों को अगर आप जांच लेते हैं तो किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदते समय आपके साथ किसी भी प्रकार का कोई धोखा नहीं होगा, और आप अनावश्यक रूप से कोर्ट कचहरी के चक्कर काटने से बच जाएंगे, और आपकी मेहनत की जीवन भर की गाड़ी कमाई डूबने से भी बच जाएगी.
इस लेख के लेखक को 23 वर्ष का रियल एस्टेट सेक्टर में काम करने का अनुभव प्राप्त है.
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