Land Possession : सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों को मिलेगा मालिकाना हक़, सरकार ने बनाया नया प्लान
Land Possession :अक्सर हमने गांव में यह देखा है कि वहां पर रहने वाले लोग जहां पर खाली जमीन दिखती है वहीं पर मकान बनाकर रहने लगते हैं.और समय गुजरने के बाद वह जमीन जिस पर उन्होंने कब्जा किया है उन्हीं की मानी जाने लगती है.
ऐसे में अगर किसी व्यक्ति का लंबे समय से पंचायत की जमीन पर कब्जा है और वह उस पर मकान बनाकर रह रहा है तो,ऐसे सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों को मिलेगा मालिकाना हक़ ऐसा सरकार की तरफ से कहा गया है. और इसके लिए एक निश्चित समय अवधि भी तय की गई है.
पंचायती जमीन पर मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए कब्जाधारियों के पास प्रॉपर्टी को बेचने का अधिकार भी शामिल होंगे.
Land Possession : सरकारी जमीन पर है कब्जा, तो मिलेगा मालिकाना हक
हाल ही में सरकार की तरफ से इससे संबंधित एक बहुत ही अहम फैसला सुनाया गया है, और इस फैसले को सुनने के बाद देश भर के लोगों में बहुत ज्यादा खुशी का संचार है. क्योंकि सरकार ने पंचायत की जमीन पर कब्जा करने वालों के पक्ष में उनको मालिकाना हक देने का फैसला किया है. कब्जा कानून से संबंधित वीडियो आप हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर भी देख सकते हैं
सरकार के इस फैसले से गांव में सरकारी जमीन पर जितने भी लोग पंचायत की जमीन पर कब्जा करके बैठे हुए हैं, उनको इससे काफी राहत मिलने वाली है,और अब वह उस संपत्ति का मालिकाना अधिकार प्राप्त कर सकेंगे. इसके अलावा उस संपत्ति को उनको आगे से आगे बेचने का भी अधिकार प्राप्त होगा.
हरियाणा राज्य सरकार ने लिया सरकारी जमीन को लेकर बड़ा फैसला
Land Possession : सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों को मिलेगा मालिकाना हक़
हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सरकार के मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी. हरियाणा ग्राम साझी भूमि (विनियमन) अधिनियम, 1961 में संशोधन को मंजूरी दी गई.
अधिनियम संख्या 19/2024 के माध्यम से, शामिलात देह में स्थित भूमि, जो हरियाणा भूमि उपयोग अधिनियम, 1949 के अन्तर्गत कलेक्टर द्वारा पंजाब ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964 के लागू होने से पहले 20 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर दी गई थी, को शामिलात देह के दायरे से बाहर कर दिया गया है। परिणामस्वरूप, ऐसी भूमि को पट्टे पर देने से संबंधित प्रावधान को हटाने की स्वीकृति दी गई है.
ऐसी जमीन पर मालिकाना अधिकार मिलने के बाद लोगों को यह संपत्ति किसी भी कीमत पर बेचने का अधिकार प्राप्त हो जाएगा.
कौन से लोगों को मिलेगा सरकारी जमीन पर कब्ज़ा और मालिकाना हक़
इसके लिए मुख्यमंत्री की तरफ से बताया गया कि जो लोग 20 साल से पंचायती जमीन पर कब्जा बनाए हुए हैं, अब वह उन जमीनों के कलेक्टर रेट का भुगतान करके जमीन और मकान पर मालिकाना हक को प्राप्त कर सकते हैं. 500 वर्ग गज तक जमीन पर बने मकानों में रहने वालों को यह सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, ऐसे में इस भूमि पर बने मकान को बाद में किसी भी रेट पर बेचा जा सकता है.
हरियाणा राज्य में यहां पर है सबसे ज्यादा जमीन पर कब्जा
हरियाणा राज्य में कई गांव ऐसे हैं, जहां पर पूरे गांव पर पंचायती जमीन पर लोगों ने कब्जा करके अपने मकान बना रखे हैं. यमुना और मारकंडा नदियों के किनारे वाले गांव को इससे सबसे ज्यादा फायदा होने जा रहा है, क्योंकि बाढ़ के कारण वहां के लोगों ने अपने घरों को छोड़कर पंचायती जमीन पर कब्जे करके अपने घर बना लिए थे.
जमीन का मालिकाना हक प्राप्त करने के लिए देना होगा इतना दाम
इसके लिए सरकार ने अभी रेट तय नहीं की है, और यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह पुराने दर यानी कि कलेक्टर रेट के हिसाब से जमीन की कीमत का निर्धारण करें या नहीं करे लेकिन चूंकि पहले अनुमोदन का अधिकार राज्य सरकार के पास ही था, लेकिन अब डायरेक्ट पंचायत के पास इसका अधिकार है. सरकार के द्वारा 1 साल के भीतर इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का निर्णय लिया जाएगा.
नायब सिंह सैनी सरकार की तरफ से सभी सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करने वालों को मिलेगा मालिकाना हक़ और इसके लिए कब्जा धारको को 1 साल का वक्त दिया गया है, और 1 साल के अंदर सभी लोग को मकान की सरकारी दर का भुगतान करना होगा, और मकान को अपने नाम पर रजिस्टर्ड करवाना होगा.
निष्कर्ष
इस तरह के मामले पहले सरकार द्वारा मंत्रिमंडल की बैठक में निर्णय लेकर सुलझाए जाते थे ,लेकिन अब सरकारी नियमों में बदलाव कर दिया गया है और इसके लिए निदेशक पंचायत विभाग को अधिकृत कर दिया गया है.
इसका एकमात्र कारण यह है कि इस तरह के केस लगातार सरकार के पास आ रहे थे, और उनको बार-बार मंत्रिमंडल की बैठक में नहीं रखा जा सकता था.
F & Q
सरकारी जमीन पर मालिकाना हक कैसे प्राप्त करें?
सरकारी जमीन पर मालिकाना हक पाने के लिए, संबंधित सरकारी विभाग या प्राधिकरण में आवेदन करना होता है. इसके लिए ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने होते हैं.
सरकारी जमीन पर 60 साल से खेती करने पर मालिकाना हक किसका होगा?
सरकारी जमीन पर 60 साल से खेती करने पर मालिकाना हक सरकार का होगा. सरकारी जमीन पर किसी का स्वामित्व नहीं हो सकता, सिवाय इसके कि सरकार उस व्यक्ति को उस पर रहने की अनुमति दे.
सरकारी जमीन पर कब्जा है तो क्या करें?
सरकारी जमीन पर कब्ज़ा है, तो इसकी शिकायत दर्ज कराकर कब्ज़ा हटाया जा सकता है. इसके लिए, संबंधित सीओ या स्थानीय तहसील कार्यालय से संपर्क करें.
प्रतिकूल कब्जे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला क्या है?
स्वामित्व के आधार पर कब्जे की वसूली के लिए दायर किया गया वाद 12 वर्ष की अवधि के भीतर दायर किया जाना चाहिए, जब प्रतिवादी का कब्जा संबंधित वादी के प्रतिकूल हो जाता है.
पट्टा भूमि कितने प्रकार की होती है?
स्वामित्व और भूमि उपयोग की प्रकृति के आधार पर कई प्रकार के पट्टे होते हैं, जिनमें व्यक्तिगत पट्टे, संयुक्त पट्टे और सरकार द्वारा प्रदत्त भूमि सुधारों के लिए अधरकास्ट पट्टे जैसे विशेष प्रकार शामिल हैं.
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