अगर आप एक किसान है, और एक झटके में किसी व्यक्ति ने आपकी खेती की जमीन पर कब्जा कर लिया है, और आप यह सोच रहे हैं कि संपत्ति पर अवैध कब्जे से कैसे निपटें?(How to recover from illegal occupation on property?)
कोई रास्ता आप को नहीं दिख रहा है, सब कुछ ऐसा लग रहा है जैसे खत्म हो चुका है.किसी ने गलत तरीके से आपकी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया है,तो आप उसके खिलाफ क्या कार्यवाही कर सकते हैं.
Someone has illegally occupied my land. What action can I take against him?
कई ऐसे लोग हैं जिनका 50 साल या 70 साल के बाद यह पता लगता है कि वह खेत उनके दादा या परदादा के नाम से था और उस पर किसी अन्य व्यक्ति का कब्जा है,और उसके दादा और परदादा का उस खेत की जमाबंदी या राजस्व रिकॉर्ड में नाम भी दर्ज है.
दादा या परदादा के नाम से खतौनी या जमाबंदी या किसी भी तरह का राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज का कोई दस्तावेज, बैनामा या रजिस्ट्री आपको मिलती है
जिससे यह साबित होता है कि वह जमीन आपके पूर्वजों की जमीन है, तो ऐसे में आप क्या कर सकते हैं ? आपके पास क्या विकल्प है ? आप कैसे उस जमीन को वापस पा सकते हैं ? किस प्रकार उस जमीन पर अपना कब्जा कर सकते हैं ? How can I recover my property occupied for more than 30 years?
Jamin Kabja: आपकी जमीन या मकान पर हो गया अवैध कब्जा, कैसे मिलेगी प्रॉपर्टी वापस, ये है शिकायत कानूनी प्रावधान
एक रास्ता यह है कि आप उस जमीन पर बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश करेंगे,जबरन अपना कब्जा लेने की कोशिश करेंगे, लेकिन इससे होगा यह की लड़ाई झगड़ा होगा,विवाद होगा और जो उस खेत पर काबिज है, वह उसके अपने होने का दावा करेगा.
अब आपकी क्षमता नहीं है कि आप किसी से मारपीट करें, लड़ाई झगड़ा करें या जबरन उसको वहां से बेदखल करें, तो फिर दूसरा रास्ता आपके पास क्या बचता है ? किसी ने गलत तरीके से आपकी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया है,तो आप उसके खिलाफ क्या कार्यवाही कर सकते हैं.
How to recover from illegal occupation on property? संपत्ति पर अवैध कब्जे से कैसे निपटें?
तो अगर आप उस खेत पर अपना जबरन कब्जा करते हैं, तो मामला पुलिस या कोर्ट में जाएगा. वह व्यक्ति जो आपके खेत पर काबिज है, वह आपके ऊपर मुकदमा करेगा,तो ऐसी स्थिति में आपको अपना पक्ष रखना पड़ेगा.
और जब आप अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट को यह बताएंगे कि यह जमीन आपके परदादा या दादा के नाम से है, और उनके नाम से राजस्व रिकॉर्ड में यह एंट्री है इस तरह से जमाबंदी में उनका नाम है और आपके पास कोई बैनामा या रजिस्ट्री है.
What is the legal procedure in India if someone occupied my land and dig without a stay order?इस स्थिति में कोर्ट क्या एक्शन लेगा ?
इस पर कोर्ट के द्वारा उस व्यक्ति से भी कागजात तलब किए जाएंगे, और उससे यह पूछा जाएगा कि वह उस संपत्ति पर किस प्रकार से काबिज है ? यानी के उसका मालिकाना हक किसी प्रकार से साबित होता है,इसके लिए वह सबूत पेश करे.
तो अब कोर्ट में मुकदमा चलेगा और इसके लिए आपको भी अपनी तरफ से कोर्ट में एक FIR जरूर दर्ज करवा देनी चाहिए.
कोर्ट यह देखेगा कि जिस व्यक्ति ने कब्जा किया है, क्या वह उस संपत्ति के पूर्व मालिक का कोई रिश्तेदार है, या कोई नजदीकी है, या कोई बाहर का अन्य व्यक्ति है. और उसने उस जमीन पर किस प्रकार से कब्जा किया है. इस विषय से संबंधित वीडियो आप हमारे यूट्यूब चैनल पर जाकर देख सकते हैं
What is the legal procedure in India if someone occupied my land and dig without a stay order?
पहले इस तरह का मुकदमा आईपीसी की धारा 441 के अंतर्गत दर्ज किया जाता था, लेकिन अब बीएनएस की धारा 329 के तहत इसमें केस दर्ज किया जाता है.
धारा 329(1) के तहत, अपराधी अतिक्रमण तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी अन्य के कब्जे (Possession) में मौजूद संपत्ति में इस उद्देश्य (Intent) से प्रवेश करता है.
Someone has illegally occupied my land. What action can I take against him?
जो आईपीसी की धारा 441 की बात करें या बीएनएस की धारा 329 की बात करें, तो इसका मतलब यह है कि किसी व्यक्ति की संपत्ति में जबरन आप बिना उसकी अनुमति के प्रवेश करते हैं,या उस पर अवैध कब्जा करते हैं,तो यह इस धारा के अंतर्गत एक अपराध माना गया है.
पुलिस भी ऐसे कैसे में जांच करती है और जब मौके पर पाती है कि उस व्यक्ति का कई सालों से कब्जा है, तो वह अपनी रिपोर्ट कोर्ट को जब देती है,कि उस व्यक्ति का उस संपत्ति पर कई सालों से कब्जा है,और ऐसा नहीं लगता कि उसने अनाधिकृत प्रवेश किया है.
तो अब इसके बाद आपके पास विकल्प क्या बचता है
इसके बाद आप सिविल मजिस्ट्रेट के पास एक एप्लीकेशन दाखिल करेंगे और बीएनएसएस अधिनियम की धारा 163 के तहत स्टे के लिए आवेदन करेंगे.
बीएनएसएस की धारा 163: धारा 163: उपद्रव या आशंका वाले खतरे के अत्यावश्यक मामलों में आदेश जारी करने की शक्ति ।
आप इस आवेदन में यह अपील करेंगे कि वह प्रॉपर्टी आपके दादा परदादा की है, और जिसने कब्जा किया है, उसके पास किसी भी तरह के मालिकाना दस्तावेज नहीं है, इसलिए वह किस प्रकार से उसे संपत्ति का मालिक बन सकता है.
मजिस्ट्रेट के द्वारा यथा स्थिति लागू किए जाने के बाद किस प्रकार से आप उस संपत्ति पर अवैध कब्जे से कैसे निपटें?How to recover from illegal occupation on property? यानी उस संपत्ति पर अपना कब्जा या मालिकाना हक कैसे प्राप्त कर सकते हैं,इसके लिए अब आपको क्या करना पड़ेगा.
तो अब आपके पास जो आपके दादा या परदादा की जमाबंदी ,खतौनी या संपत्ति की रजिस्ट्री है,इन दस्तावेजों के आधार पर आपको सिविल कोर्ट में एक वाद दायर करना पड़ेगा, और कोर्ट को आपको इन दस्तावेजों के आधार पर उसका टाइटल अपने नाम पर करने का निवेदन करना पड़ेगा.
क्या टाइटल शूट के दौरान जमीन बिक्री हो सकती है? क्या कोई कंस्ट्रक्शन भी हो सकता है एवं कितने दिनों में इस केस की डिग्री मिलने की उम्मीद है?
टाइटल शूट के दौरान जमीन बिक्री नहीं हो सकती है. न ही इस पर कोई निर्माण हो सकता है, ट्रान्सफर ऑफ़ प्रॉपर्टी एक्ट में इसका प्रावधान है तो माननीय सिविल कोर्ट में टाइटल के लिए अपना दावा पेश करने के बाद कोर्ट की प्रक्रिया चलेगी, और कुछ समय बाद माननीय सिविल कोर्ट उस कब्जाधारी व्यक्ति को एक नोटिस देगा और एक नोटिस आपको भी देगा.
दस्तावेज़ों के आधार पर कोर्ट में टाइटल सूट दाखिल करके किसी संपत्ति के स्वामित्व को स्थापित किया जा सकता है. इसमें संपत्ति के कब्ज़े का अनुरोध भी किया जा सकता है.
टाइटल सूट के बारे में ज़रूरी बातें:
- टाइटल सूट एक कानूनी कार्रवाई है.
- टाइटल सूट में संपत्ति के शीर्षक की घोषणा की मांग की जाती है.
- टाइटल सूट में संपत्ति के कब्ज़े का अनुरोध भी शामिल हो सकता है.
- टाइटल सूट फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में भी दाखिल किया जा सकता है.
- फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में टाइटल सूट 6 महीने से 2 साल के अंदर खत्म हो जाते हैं.
- फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मामलों का निपटारा जल्दी होता है.
- फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमे की लागत कम होती है.
- फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में पक्षों
- को बार-बार अदालत में नहीं जाना पड़ता.
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