सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य–3 स्टेप में जानिए
गोरखपुर में अब सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य कर दिया गया है, जैसे कि पार्क, हरित पट्टिका, क्रीड़ा स्थल और महायोजना मार्ग आदि की डिटेल संपत्ति की रजिस्ट्री में दर्ज करना जरूरी होगा.
सरकार का यह यह कदम आम जनता को संपत्ति खरीदने में पारदर्शिता और सुरक्षा प्रदान करनेवाला है.
सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य
गोरखपुर में अब सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य कर दिया गया है, जैसे कि पार्क, हरित पट्टिका, क्रीड़ा स्थल और महायोजना मार्ग आदि की डिटेल संपत्ति की रजिस्ट्री में करना जरूरी होगा.
इस घोषणा के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का अनुपालन शुरू हो गया है। सरकार के द्वारा यह कदम आम जनता को सम्पत्ति खरीदने में पारदर्शिता और सुरक्षा प्रदान करने के लिए उठाया गया है.
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने क्या कदम उठाए हैं?
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने गोरखपुर महायोजना 2031 में निर्धारित पार्क, खुले स्थल, हरित पट्टिका, क्रीड़ा स्थल और महायोजना मार्ग के भू-उपयोग के बारे में गाटा संख्या वार जानकारी रजिस्ट्री कार्यालय को उपलब्ध करा दी है.
अब रजिस्ट्री कार्यालय को विक्रय विलेखों में इन भू-उपयोगों का उल्लेख आवश्यक रूप से करना जरूरी होगा, इसका फायदा यह होगा की संपत्ति को खरीदने वाला उसे संपत्ति से संबंधित पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेगा और भविष्य में होने वाली किसी भी धोखाधड़ी से बच सकेगा.
सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य करने से क्या फायदा होगा
किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री में भू उपयोग के विवरण से उस संपत्ति के क्रय और विक्रय में एक पारदर्शिता आएगी और इससे संपत्ति में होने वाले विवाद कम हो सकेंगे.
इसका दूसरा फायदा यह होगा कि उस संपत्ति के खरीदारों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि, किसी भी तरह से उस संपत्ति को खरीदने के लिए वह संपत्ति सही है, और उस संपत्ति में किसी भी तरह का कोई कानूनी विवाद या कोई बंधन नहीं है.
सम्पत्ति विक्रय विलेखों में क्या स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा
इसके अलावा सम्पत्ति विक्रय विलेखों में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाएगा कि संबंधित भूमि, विकास प्राधिकरण या अन्य किसी विभाग में बंधक नहीं है, और उस संपत्ति पर किसी भी को ऑपरेटिव सोसाइटी से कोई लोन नहीं लिया हुआ है, या किसी भी बैंक में वह संपत्ति बंधक नहीं है.
इसके अलावा आप जमीन मकान प्लॉट संपत्ति से संबंधित सरकार द्वारा तय किए गए नए नियमों की जानकारी के लिए हमारे इस वीडियो को हमारे youtube channel पर भी जाकर देख सकते हैं.
सम्पत्तियों का क्रय विक्रय करते समय बरतें सावधानी
जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने जन सामान्य से अपील की है कि वे किसी भी संपत्ति को खरीदने या बेचते समय अत्यंत सावधानी का प्रयोग करें.
उन्होंने आमजन को यह भी सलाह दी कि भूमि-भूखंड के क्रय या विक्रय से पहले उस संपत्ति से संबंधित विभागों या निकाय में जाकर उस संपत्ति के भू-उपयोग और बंधक से संबंधित जानकारी जरूर प्राप्त कर लें,ताकि वे आने वाले समय में उस संपत्ति से संबंधित किसी भी धोखाधड़ी से बच सकें.
भूमि पंजीकरण की चरणबद्ध प्रक्रिया क्या है
दस्तावेज़ तैयार करना: बिक्री विलेख (Sale Deed), गैर-भार प्रमाणपत्र (Non-Encumbrance Certificate), आदि.
शुल्क भुगतान: स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें.
आवेदन जमा करना: सभी दस्तावेज़ ऑनलाइन अपलोड करें.
बायोमेट्रिक सत्यापन: आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा करें.
डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करना: सफलतापूर्वक पंजीकरण के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त करें.
संपत्ति की रजिस्ट्री क्या है?
कोई संपत्ति एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को हस्तांतरित की जाती है, तो इस लेनदेन को स्टाम्प ड्यूटी जैसे कुछ बकाया राशि के भुगतान के बाद उप-पंजीयक कार्यालय में पंजीकरण के माध्यम से औपचारिक रूप दिया जाना चाहिए.
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