रजिस्ट्री में ये 5 बातें ज़रूर ध्यान रखें! जानिए नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी! Land Registry 2025

रजिस्ट्री में ये 5 बातें ज़रूर ध्यान रखें!जानिए नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी! Land Registry 2025

हमारे देश भारत में किसी भी प्रॉपर्टी को खरीदने के बाद उसका रजिस्ट्रेशन करवाना एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया है. इस प्रक्रिया के अंतर्गत संपत्ति के मालिक का नाम को प्रमाणित किया जाता है और प्रॉपर्टी को खरीदने वाले को प्रॉपर्टी के संबंधित कानूनी अधिकार दिए जाते हैं.

भारत सरकार ने 2025 की शुरुआत में संपत्ति की रजिस्ट्री को और अधिक पारदर्शी सुरक्षित और डिजिटल बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं. संपत्ति से संबंधित रजिस्ट्रेशन के लिए सरकार द्वारा किए गए बदलावों का मुख्य उद्देश्य धोखाधड़ी को रोकना और संपत्ति की रजिस्ट्री को सरल बनाना है.इसलिए रजिस्ट्री में ये 5 बातें ज़रूर ध्यान रखें!जानिए नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी! Land Registry 2025

इस लेख में हम जमीन रजिस्ट्री के नए नियमों,नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी! Land Registry 2025 और आवश्यक दस्तावेजों और ध्यान रखने योग्य बातों पर विस्तृत रूप से चर्चा करेंगे.संपत्ति या जमीन की रजिस्ट्री क्या है?

जमीन रजिस्ट्री 2025:जानिए नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी!

विवरण जानकारी

योजना का नाम जमीन रजिस्ट्री नए नियम 2025

योजना लागू होने की तिथि 1 जनवरी 2025

लाभार्थी सभी प्रॉपर्टी खरीदार और विक्रेता

प्रमुख बदलाव डिजिटल रजिस्ट्रेशन, आधार लिंकिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन फीस भुगतान

उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, धोखाधड़ी रोकना, प्रक्रिया को सरल बनाना

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन

संपत्ति या जमीन की रजिस्ट्री क्या है?

संपत्ति या जमीन की रजिस्ट्री वह कानूनी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से संपत्ति के मालिकाना हक को सब तहसीलदार के द्वारा प्रमाणित किया जाता है.

इसमें संपत्ति खरीदने वाले के नाम को संपत्ति के दस्तावेजों में प्रमाणित करके दर्ज किया जाता है. यह एक आम कानूनी प्रक्रिया है, जो की आम आदमी को संपत्ति से संबंधित विवादों से बचाने और उनके मालिकाना हक को सुनिश्चित करने का काम करती है.रजिस्ट्री में ये 5 बातें ज़रूर ध्यान रखें! जानिए नई प्रक्रिया की पूरी जानकारी! Land Registry 2025

नए नियमों के अनुसार ध्यान रखने योग्य 5 बातें
डिजिटल रजिस्ट्रेशन (Digital Registration)

अब वर्तमान समय में रजिस्ट्री करने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है यानी के कागजी कार्रवाई की जगह कंप्यूटर और इंटरनेट का प्रयोग किया जाएगा.

  • रजिस्ट्रेशन संबंधित सभी दस्तावेज डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड किए जाएंगे.
  • रजिस्ट्री की प्रक्रिया को ऑनलाइन घर बैठे भी किया जा सकेगा.
  • इसमें सभी पक्षों को डिजिटल हस्ताक्षर करने होंगे.
संपत्ति की आधार कार्ड लिंकिंग (Aadhaar Linking)

सभी संपत्ति की रजिस्ट्री करवाने के लिए उसको आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है.सरकार द्वारा यह कदम इसलिए उठाया गया है कि संपत्ति की रजिस्ट्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोका जा सके और संबंधित पक्ष कार की पहचान सुनिश्चित की जा सके.

संपत्ति की वीडियो रिकॉर्डिंग (Video Recording)

संपत्ति की रजिस्ट्रेशन होने की प्रक्रिया के दौरान उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी ताकि संपत्ति से संबंधित होने वाले किसी भी विवाद को इससे उजागर किया जा सके.

ऑनलाइन फीस भुगतान (Online Fee Payment)

अब संपत्ति के रजिस्ट्रेशन में स्टांप ड्यूटी के रूप में लगने वाले शुल्क का ऑनलाइन माध्यम से भुगतान करना होगा, इसका फायदा यह होगा कि इससे संपत्ति के रजिस्ट्रेशन को पारदर्शी बनाया जा सकेगा और प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा.

यूनिक प्रॉपर्टी आईडी (Unique Property ID)

संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को उसकी संपत्ति की एक यूनिक आईडी दी जाएगी जिससे भविष्य में उस संपत्ति का रिकॉर्ड रखना आसान हो जाएगा.

रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज

नीचे दिए गए दस्तावेज जमीन रजिस्ट्री के लिए आवश्यक रूप से होने अनिवार्य हैं:

  • पहचान पत्र: आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर आईडी.
  • पता प्रमाण: बिजली बिल, राशन कार्ड या किराए का अनुबंध.
  • संपत्ति दस्तावेज: टाइटल डीड, सेल डीड.
  • कर रसीदें: संपत्ति कर भुगतान की प्रमाणित रसीदें.
  • पासपोर्ट साइज फोटो: दोनों पक्ष खरीदार और विक्रेता की फोटो.
संपत्ति रजिस्ट्रेशन के नए नियमों के लाभसंपत्ति रजिस्ट्रेशन के नए नियमों के लाभ

संपत्ति रजिस्ट्रेशन के इन नए नियमों से कई लाभ होंगे जो संपत्ति रजिस्ट्रेशन के पूरे सिस्टम को बहुत अधिक पारदर्शी कुशल और सुरक्षित बनाएंगे.

डिजिटल प्रक्रिया : डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से आमजन के समय की बचत होगी.

रजिस्ट्री का प्रोसेस : रजिस्ट्री करवाने के पूरे प्रोसेस में हर कदम पर पारदर्शिता सुनिश्चित होगी.

आधार लिंकिंग से फायदा : आधार लिंकिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग करने से भ्रष्टाचार धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा रुकेगा.

भ्रष्टाचार में कमी : ऑनलाइन फीस का भुगतान करने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी.

बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन: संपत्ति के डिजिटल रिकॉर्ड्स से भूमि विवाद कम करने में मदद मिलेगी.

समय और पैसे की बचत: इससे आमजन का यात्रा और कागजी कार्रवाई पर खर्च कम से कम होगा.

क्या है ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
  • सबसे पहले सरकारी पोर्टल पर जाएं.
  • अपने आवेदन फॉर्म को भरें.
  • सभी संपत्ति के आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें.
  • डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग करके फॉर्म ई को साइन करें.
  • ऑनलाइन फीस और स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान करें.
  • आवेदन पत्र को जमा करने के बाद डिजिटल प्रमाणपत्र डाउनलोड करें.
ध्यान देने योग्य आवश्यक अन्य बातें

प्रॉपर्टी को खरीदने से पहले उस प्रॉपर्टी के सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए.

  • संपत्ति को बेचने वाले के पास पावर ऑफ अटॉर्नी है या वह उस संपत्ति का रजिस्ट्री धारक मालिक है इस बात को देख लेना चाहिए.
  • अगर आप कृषि भूमि खरीद रहे हैं तो उसकी भविष्य में होने वाली उपयोगिता की जांच कर लेनी चाहिए.
  • अगर आप संपत्ति शहरी क्षेत्र में खरीद रहे हैं तो आप यह देख ले की संबंधित निकाय से उस प्रॉपर्टी का मानचित्र स्वीकृत किया गया हो.
  • यह भी देखें की संपत्ति को बेचने वाले व्यक्ति का नाम संबंधित निकाय में दर्ज किया गया हो.
  • इस बात की भी जांच कर ले कि उस संपत्ति पर किसी भी बैंक के द्वारा कोई लोन तो नहीं लिया गया है.

Disclaimer

इस लेख को लिखने का और “Mi Saiyad” ब्लॉग का उद्देश्य समाज में प्रॉपर्टी से जुड़े कानून और प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट के प्रति जागृति और अज्ञानता को दूर करके उनमें ज्ञान पैदा करना है । यह लेख ना तो कोई विज्ञापन है और नहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई आमंत्रण है ,लेख में कही गई बात कानूनी सलाह नहीं है और ना ही एम आई सैय्यद और “Mi Saiyad” ब्लॉग इसकी पूर्ण सत्यता और प्रमाणिकता का दावा करते हैं । यह लेख इंटरनेट ,बुक्स , न्यूज़, अनुभव , लॉयर पैनल डिसकशन और अन्य सामग्रियों से प्राप्त ज्ञान के आधार पर है ।

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Mi Saiyad 23 Years Of Experience In Real Estate Sector. Enterpreneur, Consultant & Coach

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