जमीन रजिस्ट्री के 4 बड़े बदलाव, जानें 2025 में लागू हुए नए नियम Land Registry New Rules 2025

भारत में संपत्ति रजिस्ट्री के 4 नए नियम 2025: जानें क्या बदलने वाला है! Property Registry Rules Update 2025

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Property Registry Rules Update 2025: हाल ही में भारत सरकार ने संपत्ति रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और कुशल बनाने के लिए इसमें कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये नए नियम 1 जनवरी 2025 से पूरे भारत देश में लागू होंगे। जमीन रजिस्ट्री करने का नया नियम क्या है? और पक्की रजिस्ट्री कैसे होती है?

1000003847 इन नियमों को बनाने का सरकार का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को आम नागरिक के लिए डिजिटल और आसान बनाना है, ताकि उनको भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी या मुश्किल का सामना न करना पड़े।  

इन  भारत में संपत्ति रजिस्ट्री के 4 नए नियम 2025 के तहत, पूरी रजिस्ट्री प्रक्रिया ऑनलाइन डिजिटल हो जाएगी। इसमें कागजी कार्रवाई के बजाय कंप्यूटर और इंटरनेट का बहुतायत से उपयोग किया जाएगा। इससे होने वाली रजिस्ट्री प्रक्रिया न केवल तेज और आसान होगी, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लग सकेगा ! साथ ही, आधार कार्ड से प्रॉपर्टी लिंकिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग जैसे नए नियम रजिस्ट्री में होने वाली पारदर्शिता और सुरक्षा को बढ़ाएंगे।

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संपत्ति की रजिस्ट्री के नए नियम 2025

संपत्ति की रजिस्ट्री के नए नियम 2025 का मुख्य उद्देश्य प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है। ये नियम 1 जनवरी 2025 से पूरे भारत देश में लागू होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि संपत्ति की रजिस्ट्री को पूरी तरह से देश में डिजिटल किया जा सके ताकि धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके !

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भारत में संपत्ति रजिस्ट्री के 4 नए नियम 2025 केमुख्य विवरण और विस्तृत जानकारी 

योजना का नाम : संपत्ति रजिस्ट्री नए नियम 2025 (भारत में संपत्ति रजिस्ट्री के 4 नए नियम 2025)

लागू होने की तिथि : 1 जनवरी 2025

लाभार्थी : सभी संपत्ति खरीदार और विक्रेता

मुख्य बदलाव : डिजिटल पंजीकरण, आधार लिंकिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग, ऑनलाइन शुल्क भुगतान

उद्देश्य: पारदर्शिता बढ़ाना, धोखाधड़ी रोकना, प्रक्रिया को सरल बनाना

क्रियान्वन : केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा

लाभ : तेज प्रक्रिया, कम भ्रष्टाचार, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन

लागू होने वाले राज्य :भारत के सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

रजिस्ट्री डिजिटल पंजीकरण प्रक्रिया (Registry Digital Registration Process)

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इन (भारत में संपत्ति रजिस्ट्री के 4 नए नियम 2025) नए नियमों के तहत, संपत्ति पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन यानी डिजिटल हो जाएगी। कागजी कार्रवाई के बजाय कंप्यूटर और इंटरनेट का उपयोग बहुतायत से किया जाएगा।

1.इसके तहत सभी दस्तावेज डिजिटल फॉर्मेट में जमा किए जाएंगे !

और इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालय जाने की भी जरूरत नहीं होगी !

2.और इसके लिए घर से ही ऑनलाइन पंजीकरण किया जा सकेगा !

3.डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग किया जाएगा !

4.पंजीकरण के तुरंत बाद सब रजिस्टार की तरफ से डिजिटल प्रमाणपत्र उपलब्ध होगा !

यह पंजीकरण प्रक्रिया को न केवल तेज और आसान बनाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावना को भी कम करेगा। डिजिटल प्रक्रिया से रजिस्ट्री का समय कुछ घंटों तक कम हो जाएगा, जो पहले कई दिनों तक चलता था !

आधार कार्ड से लिंकिंग (Aadhaar Card Linking)

नए नियम के अनुसार, संपत्ति पंजीकरण के समय आधार कार्ड से लिंकिंग अनिवार्य कर दी जाएगी।

इस प्रक्रिया में संपत्ति खरीदने या बेचने वाले व्यक्ति को अपना आधार कार्ड अनिवार्य रूप से संपत्ति से लिंक करना होगा !

इसमें दोनों पक्ष का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा !

इससे होने वाले फर्जी पंजीकरण की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी !

आधार कार्ड से लिंकिंग पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाएगी। यह बेनामी संपत्ति के लेनदेन पर भी रोक लगाने में मदद करेगा और इससे संपत्ति के वास्तविक मालिक की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी !

वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य (Mandatory Video Recording)

इसमें तीसरे बदलाव के तहत, रजिस्ट्री प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य कर दी गई है।

इसके अंतर्गत रजिस्ट्री प्रक्रिया की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी !

और खरीदार और विक्रेता के बयान भी रिकॉर्ड किए जाएंगे !

संपत्ति की रजिस्ट्री के वक्त की गई वीडियो रिकॉर्डिंग को सरकारी सर्वर पर सुरक्षित रखा जाएगा !

भविष्य में किसी विवाद की स्थिति में यह एक महत्वपूर्ण साक्ष्य बनेगा !

यह रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता लाएगा और विवादों को कम करेगा। वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने से किसी भी तरह की भविष्य में होने वाली धोखाधड़ी या जबरदस्ती को रोका जा सकेगा।

ऑनलाइन शुल्क भुगतान (Online Fee Payment)

अब रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप शुल्क का भुगतान पूरी तरह से ऑनलाइन किया जाएगा। इसके तहत क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग और UPI के माध्यम से भुगतान आसानी से किया जा सकेगा !

भुगतान करने के तुरंत बाद भुगतान किए जाने की पुष्टि प्राप्त होगी !

इसके बाद रजिस्ट्री में किए जाने वाले नकद लेनदेन पूरी तरह से बंद हो जाएंगे !

यह सिस्टम रजिस्ट्री प्रक्रिया को और भी तेज बनाएगा और इससे काले धन के उपयोग और लेन देन पर नियंत्रण और अंकुश भी लगेगा ! ऑनलाइन भुगतान से रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार की संभावना भी कम से कम हो जाएगी !

यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN)

ULPIN या “भू-आधार” प्रत्येक भूखंड के लिए एक 14-अंकीय अल्फान्यूमेरिक कोड प्रदान करता है, जो उसके भू-निर्देशांकों पर आधारित होता है। यह रियल एस्टेट लेनदेन को सुव्यवस्थित करने में मदद करता है ! और संपत्ति विवादों को हल करने में सहायक होता है !आपदा प्रबंधन प्रयासों में सुधार करता है !

इसको भारत देश के 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है। ULPIN से प्रत्येक भूखंड की अलग पहचान होगी, जिससे संपत्ति से संबंधित कई समस्याओं का समाधान होगा।

ई-स्टांपिंग (E-Stamping)

ई-स्टांपिंग एक डिजिटल स्टांप पेपर है जो पारंपरिक भौतिक स्टांप पेपर का स्थान लेता है। इसके भी कई फायदे हैं !

1.स्टांप शुल्क के संग्रह में वृद्धि

2.पारदर्शिता और सुरक्षा में वृद्धि

3.स्टांप पेपर की उपलब्धता में भविष्य में सुधार

4.जाली स्टांप पेपर के उपयोग पर पूरी तरह से रोक

ई-स्टांपिंग से स्टांप पेपर खरीदने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं होगी और ना ही स्टांप पेपर की अनुपलब्धता से ब्लैक में खरीदने की जरूरत रहेगी चूंकि यह प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन हो जाएगी !

डिजिटल लोकर इंटीग्रेशन (Digital Locker Integration)

डिजिटल लोकर एक ऑनलाइन स्टोरेज सेवा है जो सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। संपत्ति रजिस्ट्री के नए नियमों में इसका एकीकरण किया जाएगा !

1.दस्तावेजों के खोने या नष्ट होने का खतरा नहीं रहेगा

2.दस्तावेजों को कभी भी, कहीं से भी एक्सेस किया जा सकेगा

3.सभी संपत्ति दस्तावेज डिजिटल लोकर में सुरक्षित रखे जाएंगे !

4.डिजिटल लोकर से संपत्ति दस्तावेजों का प्रबंधन आसान हो जाएगा और उन्हें सुरक्षित रखा जा सकेगा।

5.सरकारी एजेंसियों के साथ आसानी से दस्तावेज साझा किए जा सकेंगे !

रियल-टाइम मार्केट वैल्यूएशन (Real-Time Market Valuation)

नए नियमों के तहत, संपत्ति का मूल्यांकन उस समय के रियल-टाइम बाजार मूल्य के आधार पर किया जाएगा !

1.इसके लिए एक केंद्रीकृत डेटाबेस संपत्ति के वर्तमान बाजार मूल्य को ट्रैक करेगा !

2.अंडरवैल्यूएशन या ओवरवैल्यूएशन की संभावना कम होगी !

3.यह सारी मूल्यांकन प्रक्रिया स्वचालित और पारदर्शी होगी !

4.रियल-टाइम वैल्यूएशन से संपत्ति के सही मूल्य का पता चलेगा और कर चोरी पर रोक लगेगी !

5.स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का सटीक निर्धारण होगा !

इस विषय से संबंधित यूट्यूब पर हमारे चैनल पर आप वीडियो भी देख सकते है.

Q & A

जमीन रजिस्ट्री करने का नया नियम क्या है?

पक्की रजिस्ट्री कैसे होती है?

रजिस्ट्री कब तक मान्य होती है?

रजिस्ट्री करवाने में कितना पैसा लगता है?

क्या जमीन की रजिस्ट्री रद्द हो सकती है?

Disclaimer

इस लेख को लिखने का और “Mi Saiyad” ब्लॉग का उद्देश्य समाज में प्रॉपर्टी से जुड़े कानून और प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट के प्रति जागृति और अज्ञानता को दूर करके उनमें ज्ञान पैदा करना है । यह लेख ना तो कोई विज्ञापन है और नहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई आमंत्रण है ,लेख में कही गई बात कानूनी सलाह नहीं है और ना ही एम आई सैय्यद और “Mi Saiyad” ब्लॉग इसकी पूर्ण सत्यता और प्रमाणिकता का दावा करते हैं । यह लेख इंटरनेट ,बुक्स ,अनुभव , लॉयर पैनल डिसकशन और अन्य सामग्रियों से प्राप्त ज्ञान के आधार पर है ।

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